The Lamp with Too Many Wicks.
A restless student who flits from subject to subject. The lamp with too many wicks — none burns bright, and the oil is spent faster.
एक विद्यार्थी आया। पढ़ता तो बहुत है, पर कुछ पकड़ में नहीं आता। एक दिन अर्थशास्त्र, दूसरे दिन ज्योतिष, तीसरे दिन धनुर्वेद। हर विषय पर दो-चार बातें जानता है, पर किसी में गहराई नहीं। बोला—"गुरु, मैं बहुत मेहनत करता हूँ, फिर भी कोई फल नहीं दिखता।"
सूत्र —
एकदीपस्य बहुवर्तिका: न प्रकाश, न स्थायित्वम्।
Ekadipasya bahuvartika: na prakasha, na sthiratvam.
एक दीपक पर बहुत सारी बत्तियाँ — न उजाला, न टिकाव।
तीन कदम:
पहला — एक बात चुनो। जिस विषय में तुम्हारी बुद्धि सबसे तेज़ चलती है, उसे तीन महीने का समय दो। बाकी सब पर ताला लगा दो।
दूसरा — हर दिन उसी एक विषय पर कुछ लिखो। दस पंक्तियाँ भी चलेंगी, पर लिखो। लिखने से पता चलता है कि समझा कितना।
तीसरा — जब तीन महीने में उस विषय का एक कोना तुम्हारा हो जाए, तब दूसरा जोड़ना। एक तेल, एक बत्ती, एक लौ — पहले यह सीखो।
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