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A PIECE PUBLISHED 18 OCTOBER 2026

समुद्र की सीढ़ी.

द्वारका के मंदिर की सीढ़ियाँ समुद्र में उतरती हैं। हर सीढ़ी पर गिरिधर का नाम है — यह पद वहीं जनमा।

टेक:
हर पैड़ी पे पाँव रखूँ तो सागर झुके नमस्कार।

एक सीढ़ी उतरीं चरण तेरे,
एक सीढ़ी चढ़े पुकार।
नीर ने मेरा नाम लिखा है
पत्थर की उस पार।
मीरा के प्रभु गिरिधर नागर,
सीढ़ी-सीढ़ी दरबार।

अर्थ:
हर सीढ़ी पर जब पैर रखती हूँ, समुद्र झुककर प्रणाम करता है। एक सीढ़ी पर तेरे चरण उतरे थे, एक सीढ़ी पर पुकार चढ़ती है। पानी ने मेरा नाम पत्थर के उस पार लिख दिया है। मीरा के प्रभु गिरिधर नागर, हर सीढ़ी तेरा दरबार है।

यह पद द्वारका के मंदिर की सीढ़ियों पर बना — जहाँ हर पैड़ी एक सीमा है और समुद्र उसे पार करता है, जहाँ नीचे उतरना और ऊपर चढ़ना दोनों ही तेरी ओर हैं।

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